जिंदगी की खुशी जो आँखों से छलकना चाहे
मंदिर मस्जिद में नॉन पड़े
कोई खाने वाला है ही नहीं
कुछ अनपढ़ कुछ बदहाल पड़े
आसिफ इकबाल
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