Thursday, February 19, 2009

दिल्ली मेरी दिल्ली

दिल्ली की सर्दी आइस्क्रिम खिलाती है
इंडिया गेट पर गरीबो को जलाती है
गुदरी मे लिपटा एक मनुष कापता है
लाल पलंग पर दूसरा गर्मी से तंग है
दिल्ली के रक्षक टोयटा मे सवार है
गरीब और अमीर सभी के चोकेदार है
मधुशाला मे जा कर जो मदिरा पीता है
उनके लिए तो आकाश भी करीब है
भारत के संतान संसद मे विराजमान है
संसद के रखवाली मे सारा हिंदुस्तान है

-आसिफ इकबाल

1 comment:

Shamikh Faraz said...

bahut khubsurat iqbal sahab.